ઝેરકચોલું/ कुचला / Strychnos nuxvomica

कुचला / Strychnos nuxvomica – गुण, उपयोग, लाभ एवं शोधन की विधि

कुचला / Strychnos nuxvomica in Hindi

कुचला जिसे अंग्रेजी में Poison Nut भी कहते है | आयुर्वेद में इसके बीजों की गणना फल विषों में की गई है , इसके विष को सुषुम्ना क्षोभक विष माना जाता है | संस्कृत में इसे विषतिन्दुक, विष तुन्द कुपील आदि प्रयायों से भी पुकारा जाता है | विषैला होने के कारण इसे शौधित करने के पश्चात ही औषध उपयोग में लिया जाता है | अगर बैगर शुद्ध किये इसका उपयोग कर लिया जाए तो कम्पन, नाड़ी गति का बढ़ना, घबराहट और यहाँ तक की अधिक मात्रा में सेवन करने से व्यक्ति की मृत्यु तक हो जाती है

परिचय – इसका वृक्ष बारहमासी हराभरा रहने वाला होता है | अधिकतर गरम एवं पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है | वृक्ष की ऊंचाई 40 से 50 फीट तक हो सकती है | भारत में यह बंगाल, तमिलनाडु और आन्ध्रप्रदेश राज्यों में अधिकतर पाया जाता है | इसका तना टेढ़ा और मोटा होता है , छाल मटमैली और चिकनी होती है | इस वृक्ष के पत्र लट्वाकार, चमकीले और उभरी हुई सिराओं वाले होते है | इसके फुल हरिताभ श्वेत शाखाओं के अग्रिम भाग में लगते है |

फल गोल चिकने, पकने पर पीले रंग के तिन्दु के सामान होते है | जिनको तोड़ने पर 3 से 5 इंच के गोलाई में बटन के समान होते है | इन्ही बीजों का प्रयोग औषधि स्वरुप किया जाता है |

कुचला का रासायनिक संगठन 

इसके रासायनिक सरंचना का अभी तक पूर्ण रूप से अध्यन नहीं किया गया है | लेकिन संगठन में इसमें कुछ एल्केलाइड जैसे – नेप्लिन, नेओपेल्लिन, एफेद्रिन आदि पाए जाते है | साथ ही स्ट्रीकनिन, ब्रुसिम, लोगानिन, प्रोटीड एवं ग्लुकोसाइड, गौंद और कुछ मात्रा में एक प्रकार का तेल पाया जाता है |

कुचला के गुण – धर्म और रोग प्रभाव 

इसका स्वाभाव गरम होता है अर्थात यह उष्ण वीर्य का होता है | रस में तिक्त, गुणों में रुक्ष, तीक्षण और लघु एवं विपाक में कटु होता है | अपने इन्ही गुण-धर्मो के कारण यह वात और कफशामक गुणों से युक्त होता है |

इसका उपयोग श्वास , आमरस, कटीशूल, आध्मान (आफरा), अजीर्ण एवं नाड़ीदौर्बल्य में किया जा सकता है | कुते के जहर, बिच्छु के जहर आदि को भी इसके प्रयोग से खत्म किया जा सकता है | अर्धान्ग्वात एवं प्रतिश्याय रोग में भी इसके अच्छे परिणाम मिलते है |

कुचला के शौधन की विधि एवं सेवन की मात्रा 

  1. इसका शौधन करने के लिए इसको तीन दिन तक कांजी स्वरस से भरे पात्र में रख दे | चौथे दिन इन्हें बाहर निकाल कर गरम पानी से इनको अच्छी तरह धो ले | अब इसके बीजो को दो भागों में बाँट ले और इसके अन्दर निकलने वाले श्वेत रंग की जाली को हटा दे | अब इसे गीला रहते ही कूट कर चूर्ण बना ले | कुचला शुद्ध हो जायेगा |

  2. कुचला के बीजो को गाय के घी में हलकी आंच पर तल ले | अच्छी तरह तलने के बाद इनको बाहर निकाल कर इसके ऊपर के छिलके और अंदर की सफेद परत को हटा दे | इसके पश्चात देशी गाय के गौमूत्र में इनको अच्छी तरह से उबाल ले | इस तरह से भी कुचला शौधित हो जाता है |

हमेशां शौधित कुचला का ही औषध उपयोग करना चाहिए | अगर अशौधित बीजों का प्रयोग कर लिया जाए तो यह सीधा मनुष्य के केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र पर असर करता है जिससे व्यक्ति को घबराहट, मितली, भ्रम, हृदय आदि की समस्या होकर मृत्यु भी आ सकती है |

इसका सेवन 60 से 250 मिलीग्राम तक अधिकतम किया जा सकता है | इससे अधिक इसका सेवन नहीं करना चाहिए | आयुर्वेद में बनने वाली औषधियां जैसे – अग्नितुंडीवटी, तिन्दुक्वटी, एकांगवीर रस और वृष्य योग आदि में इसका प्रयोग किया जाता है  |

कुचला के स्वास्थ्य लाभ / फायदे 

  • गठिया जैसे रोगों में इसका प्रयोग विशिष्ट योग स्वरुप किया जाता है | क्योंकि वात व्याधियों में इसके विशेष परिणाम होते है |

  • आमवात, संधिवात आदि समस्याओं में भी कुचला का प्रयोग किया जाता है |

  • जुकाम, एलर्जी और श्वास रोग में भी आयुर्वेद में इसका प्रयोग बताया जाता है |

  • नपुंसकता, शीघ्रपतन एवं धातु दौर्बल्यता में इसका औषध उपयोग किया जाता है | लेकिन यह अकेला प्रयोग नहीं होता इसे किसी विशिष्ट योग स्वरुप दिया जाता है |

  • कुते के काटने पर इसके शौधित बीजों के चूर्ण को 100 mg की मात्रा में सेवन करवाने से कुते का जहर उतर जाता है |

  • बिच्छु के काटने पर इसके बीज को पानी के साथ घीसकर इसके अन्दर के भाग को प्रभावित स्थान पर लगाने से बिच्छु का जहर भी उतर जाता है और रोगी को दर्द भी कम होता है |

  • इसके बीजों को पानी में घीसकर घुटनों एवं जोड़ों के दर्द वाली जगह पर रगड़ने से दर्द चला जाता है |

  • कटीशूल में भी इसका उपयोग लाभ देता है |

  • बवासीर, मधुमेह और उदरकृमि में इसका प्रयोग लाभदायी होता है |

NUX VOMICA (ઝેર કચોલું) Overview Information

By.JM Raval Pharmacist

Govt.Ayurved Hospital Himatnagar

 

 

NUX VOMICA OTHER NAME(S): 

Brechnusssamen,

 Kuchla,

Kupilu,

 Noix Vomique,

Nuez Vomica,

Nux Vom,

Poison Nut,

Quaker Buttons,

Shudha Kupilu,

 Strychni Semen,

 Strychnos Seed,

Strychnos nux-vomica,

Vishamushti,

Vomiquier.

 

Overview Information

Nux vomica is a plant. The seed is used to make medicine.
Despite serious safety concerns, nux vomica is used for diseases of the digestive tract, disorders of the heart and circulatory system, diseases of the eye, and lung disease. It is also used for nerve conditions, depression, migraine headache, symptoms of menopause, and a blood vessel disorder called Raynaud's disease.
Other uses include treatment of “tired blood” (anemia), as a tonic, and as an appetite stimulant.
Men use nux vomica for erectile dysfunction (ED, impotence).
In manufacturing, nux vomica is used as rat poison. That’s because it contains strychnine and brucine, two deadly chemicals.

 

How does it work?

Nux vomica contains strychnine and other chemicals that affect the brain and cause muscle contractions. This can lead to convulsions and death. Strychnine in amounts that are too small to produce symptoms can still be a serious problem. Small amounts of strychnine build up in the body with continued use, especially in people with liver disease. This can cause death in a period of weeks. Strychnine poisoning can be detected with laboratory tests.

 

 

Uses & Effectiveness  Insufficient Evidence for

Erectile dysfunction (ED, impotence).

Diseases of the stomach and intestines.

Heart and blood system disorders.

“Tired blood” (anemia).

Diseases of the eye.

Nerve disorders.

Depression.

Migraine.

Lung disease.

Stimulating the appetite.

Other conditions.

 

Side Effects & Safety

Nux vomica is UNSAFE. Taking nux vomica for more than a week, or in high amounts of 30 mg or more, can cause severe side effects. Some of these side effects include restlessness, anxiety, dizziness, neck and back stiffness, spasms of jaw and neck muscles, convulsions, seizures, breathing problems, liver failure, and death.

Special Precautions & Warnings:

No one should take nux vomica, but certain people are especially at risk for toxic side effects. These side effects are especially dangerous if you have any of the following conditions: 

Pregnancy and breast-feeding:

Taking nux vomica can harm both mother and child. Don’t use it.

Liver disease: The strychnine in nux vomica can cause liver damage or make liver disease worse. Don’t use it.

 

Interactions

We currently have no information for NUX VOMICA Interactions.

 

 

 

Dosing

The appropriate dose of nux vomica depends on several factors such as the user's age, health, and several other conditions. At this time there is not enough scientific information to determine an appropriate range of doses for nux vomica. Keep in mind that natural products are not always necessarily safe and dosages can be important. Be sure to follow relevant directions on product labels and consult your pharmacist or physician or other healthcare professional before using.